Sunday, 3 June 2018

RBI monetary policy

 RBI monetary policy (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति के निर्णय और घरेलू और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़े मिलकर तय करेंगे. इसके साथ ही निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे, मानसून की चाल, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थापक निवेशकों (डीआईआई) द्वारा किए गए निवेश, डॉलर के खिलाफ रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4 से 6 जून तक होगी. यह वित्त वर्ष 2018-19 के लिए दूसरी द्विमासिक बैठक होगी. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक के निष्कषों पर पेट्रोलियम उत्पादों में तेजी का असर पड़ सकता है.
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RBI monetary policy committee decision and decide on domestic and global macroeconomic data together. At the same time, investors' eyes were seen in quarterly results of major companies, movements of monsoons, global market trends, investments made by foreign portfolio investors (FIIs) and domestic founders (DIIs), rupee move against the dollar and crude oil prices But will also be there. The monetary policy committee meeting of RBI will be held from 4th to 6th June. This will be the second bi-monthly meeting for the financial year 2018-19.The refusal of the next meeting of the Reserve Bank of India's monetary policy committee could have a bearing on the pace of petroleum products.

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